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Sarkar Ghaus e Azam

सरकारे ग़ौसे आज़मؓ

ग़ौसे आज़मؓ
बमने बेसरो सामां मददे
किबलए दीं मददे
काबाए ईंमां मददे

सरकारे ग़ौसे आज़म, नज़रे करम खुदारा।
मेरा खाली क़ासा भर दो, मैं फ़क़ीर हूं तुम्हारा।।

झोली को मेरी भर दो, वरना कहेगी दुनिया।
ऐसे सख़ी का मंगता, फिरता है मारा मारा।।

सब का कोई न कोई, दुनिया में आसरा है।
मेरा बजुज़ तुम्हारे, कोई नहीं सहारा।।

मौला अली का सदक़ा, उसमां उमर का सदक़ा।
मेरी लाज रखना मीरां, मैं फ़क़ीर हूं तुम्हारा।।

मीरां बने हैं दुल्हा, शादी रची हुई है।
सब औलिया बराती, क्या खूब है नज़ारा।।

ये अ़ताए दस्तगीरी, कोई मेरे दिल से पूछे।
वहीं आ गए मदद को, मैंने जब जहां पुकारा।।

ये तेरा करम है या ग़ौस, जो बना लिया है अपना।
कहां मुझसा ये कमीना, कहां आसतां तुम्हारा।।

दामन पसारे दर पर, लाखों वली खड़े हैं।
कहां ‘रूसिया फ़रीदी’, कहां तेरा आस्ताना।।

سرکار غوثِ اعظم

؎  غوثِ اعظم
بمن بے سر وساماں مددے
قبلہ دیں مددے
کعبہ ایماں مددے

سرکار غوث اعظم نظر کرم خدارا
میرا خالی کاسہ بھردو میں فقیر ہوں تمھارا

جھولی کو میری بھردو ورنہ کہے گی دنیا
ایسے سخی کا منگتا پھرتا ہے مارا مارا

سب کا کوئی نہ کوئی دنیا میں آسرا ہے
میرا بجز تمھارے کوئی نہیں سہارا

مولا علی کا صدقہ عثماں عمر کا صدقہ
میری لاج رکھنا میراں، میں فقیر ہوں تمہارا

میراں بنے ہیں دولہا محفل سجی ہوئی ہے
سب اولیاء باراتی کیا خوب ہے نظارا

یہ ادائے دستگیری کوئی میرے دل سے پوچھے
وہیں آگئے مدد کو میں نے جب جہاں پکارا

یہ تیرا کرم ہے مجھ پر کہ بنا لیا ہے اپنا
کہاں مجھ سا یہ کمینہ کہاں سلسلہ تمہارا

دامن پسارے درپہ لاکھوں ولی کھڑے ہیں
کہاں روسیاہ فریدی کہاں آستاں تمہارا

Sarkar Ghaus e Azam

Ghause A’zam
Bamane Besaro Saamaan Madade
Qiblaa é Deen Madade
Ka’baa é Imaan Madade

Sarkaar-e-Ghous-e-Azam Nazr-e-Karam Khudara
Mera Khaali Kaasa Bhar Do Mein Faqeer Hoon Tumhara

Jholi Ko Meri Bhar Do Warna Kahe Gei Duniya
Aisay Sakhi Ka Mangta Phirta Hai Maara Maara

Sab Ka Koi Na Koi Duniya Mein Aasra Hai
Mera Bajuz Tumharay Koi Nahin Sahara

Maula Ali ka Sadqa, Usman Umar ka Sadqa
Meri Laaj rakhna Miran, Main Faqir hun tumhara

Miran bane hain Dulha, Shadi rachi hui hai
Sab Auliya Barati, Kya khoob hai Nazara

Ye Ada e Dastagiri, Koi mere Dil se puchhe
Wahi aa gaye madad ko, maine jab jahan Pukara

Ye Tera Karam Hai Ya Ghous Ke Bulaliya Hai Darpe
Kahan Mujhsa Ye Kameena Kahan Aastaan Tumhara

Daman pasare dar par, Lakhon Wali khade hain
Kahan Rusiya Fareedi Kahaan Astaan Tumhara

SARKAR GHAUS E AZAM (by Amna Ashfaq)


SARKAR GHAUS E AZAM (by Hooriya Rafiq Qadri)

SARKAR GHAUS E AZAM (by Owais Raza Qadri)

SARKAR GHAUS E AZAM (by Yasar Ali Qawwal)

SARKAR GHAUS E AZAM (Qawwali)


Sufiyana 215

छाप तिलक सब छीनी रे

कलाम – हज़रत अमीर खुसरोؓ

 

उर्दू भाषा की पहली ग़ज़ल लिखनेवाले, हज़रत अमीर खुसरोؓ की तारीफ़ के लिए हमारे पास शब्द नहीं है। 

आप फ़नाइयत में डूबे हुए सूफ़ी हैं। पेश है आपका लिखा हुआ एक मशहूर हिन्दी कलाम...

 

 

छाप तिलक सब छीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

 

प्रेम भटी का मधवा पिलाइके

मतवाली कर दीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

 

गोरी गोरी बय्यां, हरी हरी चूरियां,

बय्यां पकड़ धर लीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

 

बल बल जाउं मैं, तोरे रंग रजवा,

अपनी सी कर लीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

 

‘खुसरो’ निजाम के बल बल जय्ये,

मोहे सुहागन कीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

 

छाप तिलक सब छीनी रे

मोसे नैना मिलाइके।

Sufiyana 133

किरपा करो सरकार…

मैं मली, तन मेरा मैला, किरपा करो सरकार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

सरपे उठाकर पाप की गठरी, आई हूं तुम्हरे द्वार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

मेरे खिवइया बीच भंवर में, कश्ती डूब न जाए।

तेरा हूं, तू मेरी खबर ले, कौन लगाए पार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

मुझ मंगते की बात ही क्या है, वो हैं बड़े लजपाल।

उनकी किरपा और दया से, पलता है सब संसार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

उनकी अता के गुन गाओ, उनसे ही फरियाद करो।

सबसे बड़े दाता हैं वो, सबसे बड़ी सरकार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

उनकी याद ईमान बना लो, ख़ुद को ही क़ुरान बना लो।

उनकी याद से मिट जाते हैं, सारे ही आज़ार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

उसके लिए तो सरमाया है, प्यारे मदिने वाले का।

सोचें समझें कहने वाले, ‘खालिद’ को नादार।

नज़रे करम सरकार, या मुहम्मद ﷺ…

 

आज़ार=बीमार, सरमाया=असल दौलत, नादार=ग़रीब

 

 

Sufiyana 115

मी रक़्सम

सूफ़ीयाना कलाम

नमी दानम चे आखिर चूं दमे दीदार मी रक्सम

मगर नाज़म बईं ज़ौक़े के पेशे यार मी रक्सम

मुझे नहीं मालूम कि आखिर दीदार के वक्त क्यूं रक्स कर रहा हूं

लेकिन अपने इस ज़ौक़ पर नाज़ है कि अपने यार के सामने रक्स कर रहा हूं

तू आं क़ातिल के अज़ बहरे तमाशा खूने मनरेज़ी

मन आं बिस्मिल के ज़ेरे खंजरे खूंखार मी रक्सम

तू वो क़ातिल है के तमाशे के लिए मेरा खूंन बहाता है

और मैं वो बिस्मिल हूं के खूंखार खंजर के नीचे रक्स करता हूं

सरापा बर सरापाए खुदम अज़ बेखुदी कुरबां

बगिरदे मरकज़े खुद सूरते परकार मी रक्सम

सर से पांव तक जो मेरा हाल है, उस बेखुदी पर मैं कुरबान जाउं,

के परकार की तरह अपने ही इर्द गिर्द रक्स करता हूं

बया जानां तमाशा कुन के दर अन्बूहे जांबजां

बसद सामाने रूसवाई सरे बाज़ार मी रक्सम

आ ऐ महबूब, और तमाशा देख कि जांबजां की भीड़ में,

मैं सैकड़ों रूसवाइयों के सामान के साथ, सरे बाज़ार रक्स करता हूं

खुशा रिन्दी के पामालश कुनम सद पारसाइ रा

ज़हे तक़वा के मन बा जुब्बा ओ दसतार मी रक्सम

वाह मयनोशी, कि जिसके लिए मैंने सैंकड़ों पारसाइयों को पामाल कर दिया

खूब तकवा, कि मैं जुब्बा व दस्तार के साथ रक्स करता हूं

तू हर दम मी सराई नग़मा व हर बार मी रक्सम

बहर तरज़े के रक्सानी मनम ऐ यार मी रक्सम

तू हर वक्त जब भी मुझे नग़मा सुनाता है, मैं हर बार रक्स करता हूं

और जिस धून में रक्स कराता है, ऐ यार, मैं रक्स करता हूं

अगरचे क़तर ए शबनम नपायद बर सरे खारे

मनम आं क़तर ए शबनम बनोके खार मी रक्सम

अगरचे शबनम का क़तरा कांटे पर नहीं पड़ता

लेकिन मैं शबनम का वो क़तरा हूं के कांटे की नोक पर रक्स करता हूं

मनम ‘उसमान हारूनी’ के यारे शैख मन्सूरम

मलामत मी कुनद खल्क़े व मन बरदार मी रक्सम

मैं उस्मान हारूनी रज़ी., शैख मन्सूर हल्लाज रज़ी. का दोस्त हूं,

मुझे खल्क़ मलामत करती है और मैं सूली पर रक्स करता हूं

– कलाम – हज़रत ख्वाजा उसमान हारूनी रज़ी.

(ख्वाजा गरीबनवाज़ रज़ी. के पीरोमुर्शिद)

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Main Bura Hun Ya Bhala Hu

 Main Bura Hun Ya Bhala Hu by Milad Raza Qadri

 मैं बुरा हूं या भला हूं मेरी लाज को निभाना

میں برا ہوں یا بھلا ہوں میری لاج کو نبھانا

Main Bura Hun Ya Bhala Hu by Rahat Nusrat Fateh Ali Khan

(with Dr. Tahir ul Qadri)

 

Main bura hoon ya bhala – Hafeez Alkhairi

Dera Sacha Sauda–Mein Bura Hu Ya Bhala Hu

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LYRICS

Main Bura Hoon Ya Bhala Hoon, Meri Laaj Ko Nibhana

Mujhe Janata Hain Aqaa, Terey Naam Se Zamana
Ghameh Aashqee Se pehle Mujhe kaun janata Tha
Teri Yaad Ne Banadee Meri Zindagee Fasana
Mujhe iss ka gham naheen hai Kai badal gaya zamana
Meri zindagee hain tumse kaheen tum badal na jaana
Too manbaeh ataa hai ke pukaar utha zamana
Too karam nawaziyaan keen ke kara ka kya thikana
Chaukat pe aa gaya hoon sarkaar aaj sunn lo
Meri dukh bhari kahanee mera dukh bhara fasana
Terey naam se zahoori mujhe janatee hain dunya
Terah ho gaya hoon jab se merah ho gaya zamana

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बिगड़ी बनाओ मक्‍की मदनी Bigdi Banao Makki Madni


बिगड़ी बनाओ मक्‍की मदनी

Bigdi Banao Makki Madani (Nasheed)

Sung by Shaam Group 
 Lyrics by Sabir Sardar

Bigdi Banao Makki Madani

Darpe Bulao Makki Madani

 

 Deed Teri Ho – Eid Meri – 

Deed Karaao Makki Madani

Mahshar Men Ho Lab Pe Meri

Humko Bachaao Makki Madani

Gumbade Khazraa Ki Saayeh Tali

Mujko Sulaao Makki Madani

 

Apni Nawaazon Ka Sadqa

Thukhde Mitaao Makki Madani

 

Aasi Gunahon Men Dooba Hua Hain

Jaise Hain Nibaaho Makki Madani

 

Hai Arzoo Mere Seene Men

Dam Nikle Mera Madeene Men

Madad Ko Aao Makki Madani (Bigdi)

Qasida Burda in New Style 2012

Qasida Burda Sharif in Different Style 2012

Lyrics by Imam Sharafuddin al-Buseeri R.A.

 

Qasidah Burdah in five languages with Daff

Mawla ya salle QTV Sung by Rahim Shah

 

Qasida Burda 2012

Sung by Maher Zain (Arabic Version)

Album “Forgive me”

Qasida Burda by Sami Yusuf

Maula Ya Salli Wa Sallim 

(ORIGINAL VIDEO IN ARABIC)

नात शरीफ (लता मंगेशकर) Naat Sharif (Lata Mangeshkar)


बेकस पे करम कीजिए – नात शरीफ (लता मंगेशकर)

ऐ मेरे मुश्किलकुशा, फ़रियाद है, फ़रियाद है
आपके होते हुए दुनिया मेरी बरबाद है

बेकस पे करम कीजिये, सरकार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये
गर्दिश में है तक़दीर भँवर में है सफ़ीना -२
बेकस पे करम कीजिये, सरकार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये

है वक़्त-ए-मदद आइए बिगड़ी को बनाने
पोशीदा नहीं आपसे कुछ दिल के फ़साने
ज़ख़्मों से भरा है किसी मजबूर का सीना
बेकस पे करम कीजिये …

छाई है मुसीबत की घटा गेसुओं वाले, गेसुओं वाले
लिल्लाह मेरी डूबती कश्ती को बचाले
तूफ़ान के आसार हैं, दुश्‍वार है जीना
बेकस पे करम कीजिये …

गर्दिश में है तक़दीर भँवर में है सफ़ीना
बेकस पे करम कीजिये, सरकार-ए-मदीना
बेकस पे करम कीजिये …

सिंगर – लता मंगेशकर
फिल्‍म – मुगले आजम

Ai mere mushkilkushaa, friyaad hai, friyaad hai aapke hote hue duniyaa meri brbaad hai

Bekas pe karam kijiye, srkaar-e-mdinaa
bekas pe karam kijiye
gardish men hai takdir bhanvar men hai safinaa –2
bekas pe karam kijiye, srkaar-e-mdinaa
bekas pe karam kijiye

hai waqt-e-madad aaiye bigdi ko banane
poshidaa nahin aapse kuch dil ke fasaane
zakhmon se bhraa hai kisi majbur kaa sinaa
bekas pe karam kijiye …

chhaei hai musibat ki ghataa gesuon wale, gesuon wale
lillaah meri dubti kashti ko bachale
tufaan ke aasaar hain, dush‍vaar hai jinaa
bekas pe karam kijiye …

gardish men hai takdir bhanvr men hai safinaa
bekas pe karam kijiye, srkaar-e-mdinaa
bekas pe karam kijiye …

Singar – Lata Mangeshkar
Fil‍m – Mugale Aazam

Bekas pe Karam Kijiye (by Hina Nasrullah)

Naat Bekas pe karam (by Shahidur Rahman Sabri)

A.R.Rehman’s Top 5 Sufi Song

1. Kun Faaya Kun [Rockstar 2011] 



2. Arziyan Saari (Maula Maula) [Delhi6]

3. Khwaja mere Khwaja [Jodha Akbar 2008]

4. Piya Haji Ali [Fiza]

5. Zikr [Bose]


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